My Joyful Wisdom

Chapter 6 / 25, 4 मिनट

जानी हुई तकलीफ़, अनजानी शांति

तुम्हारा मन और शरीर सुरक्षा को आराम से नहीं समझते। वो सुरक्षा को 'पहचान' से समझते हैं — भले ही वो पहचान दर्द की हो।

तुम साफ़ जानते हो कि यह चक्र तुम्हें चोट पहुँचाता है। फिर भी, बार-बार, तुम उसी तरह के लोगों, उसी तरह के हालात, उसी तरह की भावनात्मक हलचल की तरफ़ खिंच जाते हो।

यह तुम्हारी कमज़ोरी नहीं है। यह एक बहुत पुरानी ट्रेनिंग है। तुम्हारा तंत्रिका तंत्र एक सीधा सा नियम मानता है —

आराम नहीं। शांति नहीं। बस — पहचाना हुआ।

आगे पढ़ते रहो — ये free है

पहले दो chapters सबके लिए खुले हैं। बाक़ी सभी 25 पढ़ने के लिए Google या email से sign up करो — कोई password नहीं, कोई payment नहीं।

तुम्हारा email सिर्फ़ sign in के लिए use होता है। और कुछ नहीं।

शायद इसी पल कोई यहाँ पढ़ रहा है जिसकी job कल चली गई। या जिसे किसी अपने ने इतना तोड़ दिया कि उसे आगे कुछ नहीं दिखता। रात के दो बजे, जब वो किसी से कह नहीं पाता, ये library उसके लिए खुली रहती है।

ये इसलिए चल पाती है क्योंकि कोई और — जिसका दिन आज थोड़ा बेहतर है — चुपचाप उसका साथ दे देता है। तुम्हारा छोटा सा support किसी अजनबी तक अगली book पहुँचाता है, जिसे शायद उसी की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।

किसी का साथ दो अपना amount चुनो

अगर तुम ख़ुद अभी मुश्किल में हो, तो कुछ मत दो। बस पढ़ो। ये जगह तुम्हारे लिए ही बनी है।