My Joyful Wisdom

Chapter 12 / 25, 4 मिनट

असली बदलाव सिर्फ़ एक जगह से आता है

बदलाव तब शुरू नहीं होता जब तुम्हें 'अच्छा लगे।' वो तब शुरू होता है जब तुम पुरानी प्रतिक्रिया को दोहराते नहीं — चाहे अंदर कुछ भी चल रहा हो।

तुम अपने आप से यह लाइन अक्सर कहते हो — "जब ready feel हो जाएगा, तब शुरू करूँगा।"

एक बात ग़ौर से देखो। क्या वो "ready" वाला दिन कभी आया? कभी-कभार थोड़ा सा — पर ज़्यादातर वो टलता ही गया।

यह तुम्हारी कमज़ोरी नहीं है। यह एक बहुत पुरानी चाल है मन की — "ready" का इंतज़ार करना, ताकि असल काम शुरू ही न हो।

आगे पढ़ते रहो — ये free है

पहले दो chapters सबके लिए खुले हैं। बाक़ी सभी 25 पढ़ने के लिए Google या email से sign up करो — कोई password नहीं, कोई payment नहीं।

तुम्हारा email सिर्फ़ sign in के लिए use होता है। और कुछ नहीं।

शायद इसी पल कोई यहाँ पढ़ रहा है जिसकी job कल चली गई। या जिसे किसी अपने ने इतना तोड़ दिया कि उसे आगे कुछ नहीं दिखता। रात के दो बजे, जब वो किसी से कह नहीं पाता, ये library उसके लिए खुली रहती है।

ये इसलिए चल पाती है क्योंकि कोई और — जिसका दिन आज थोड़ा बेहतर है — चुपचाप उसका साथ दे देता है। तुम्हारा छोटा सा support किसी अजनबी तक अगली book पहुँचाता है, जिसे शायद उसी की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।

किसी का साथ दो अपना amount चुनो

अगर तुम ख़ुद अभी मुश्किल में हो, तो कुछ मत दो। बस पढ़ो। ये जगह तुम्हारे लिए ही बनी है।