My Joyful Wisdom

रात के 2 बजे हैं।
नींद नहीं आ रही।
और दिमाग़ फिर वही सोच रहा है।

Job गई हो, किसी अपने ने तोड़ा हो, या बिना वजह सब भारी लगे — तुम अकेले नहीं हो, और तुम कमज़ोर भी नहीं हो। यहाँ ऐसी books हैं जो तुम्हारी बात समझती हैं। हिंदी और English में। Free।

कोई sign up नहीं चाहिए। कोई payment नहीं।

Joyful Wisdom

Heal Yourself

Ruchi Gupta

My Joyful Wisdom

हमारी अपनी book, by Ruchi Gupta

तुम्हारे साथ अभी क्या चल रहा है?

एक card चुनो। हम सिर्फ़ वही books दिखाएँगे जो इस हालत में सच में काम आती हैं — और हर book के page पर साफ़ लिखा है कि वो किसके लिए नहीं है।

क्या ये तुम्हारे साथ भी होता है?

अगर इनमें से एक भी line पढ़कर लगा “हाँ, यही तो” — तो Joyful Wisdom तुम्हारे लिए लिखी गई है।

Ruchi Gupta की ये book बताती है कि हम बार-बार उसी दर्द में क्यों लौटते हैं — और उस loop से धीरे-धीरे बाहर कैसे निकलें। 25 छोटे chapters, हर एक 3-5 मिनट का।

  • “जिससे दूर रहना चाहिए, बार-बार उसी की तरफ़ खिंचते हो।”

    Chapter 9: तुम्हें इंसान नहीं, एहसास पकड़ता है

  • “सब ठीक चल रहा हो, फिर भी अंदर कुछ ख़ाली-ख़ाली सा लगता है।”

    Chapter 10: शांति boring क्यों लगती है?

  • “‘अब नहीं करूँगा’ — और फिर वही, पहले से ज़्यादा।”

    Chapter 22: अगर फिर से पुराना पैटर्न लौट आए?

यहाँ ऐसे चलता है

  1. 1

    जो चल रहा है, वो चुनो

    नीचे एक card पर tap करो — job जाना, trauma या abuse, अकेलापन। हम वही books दिखाएँगे जो इस वक़्त काम आएँ।

    Cards देखो
  2. 2

    पहले 2 chapters free पढ़ो

    कोई sign up नहीं, कोई payment नहीं। बस खोलो और पढ़ो — 5 मिनट में पता चल जाएगा कि ये तुम्हारे लिए है या नहीं।

    Chapter 1 खोलो
  3. 3

    अच्छा लगे तो free sign up

    Google या email से 10 seconds में। बाक़ी 23 chapters खुल जाएँगे — हिंदी और English, दोनों में।

    Sign up करो

Library

मन, रिश्तों और ज़िंदगी के मुश्किल दौर पर छोटी, सच्ची books — हर एक हिंदी और English में। नई books जल्द आ रही हैं।

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Heal Yourself

My Joyful Wisdom

Joyful Wisdom

Heal Yourself, Ruchi Gupta

अगर अभी सब बहुत ज़्यादा भारी है…

तो पढ़ने से पहले किसी से बात करो। India में Tele-MANAS पर 24 घंटे, free, अपनी भाषा में बात कर सकते हो। कोई judge नहीं करेगा।

14416 पर call करो

शायद इसी पल कोई यहाँ पढ़ रहा है जिसकी job कल चली गई। या जिसे किसी अपने ने इतना तोड़ दिया कि उसे आगे कुछ नहीं दिखता। रात के दो बजे, जब वो किसी से कह नहीं पाता, ये library उसके लिए खुली रहती है।

ये इसलिए चल पाती है क्योंकि कोई और — जिसका दिन आज थोड़ा बेहतर है — चुपचाप उसका साथ दे देता है। तुम्हारा छोटा सा support किसी अजनबी तक अगली book पहुँचाता है, जिसे शायद उसी की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।

किसी का साथ दो अपना amount चुनो

अगर तुम ख़ुद अभी मुश्किल में हो, तो कुछ मत दो। बस पढ़ो। ये जगह तुम्हारे लिए ही बनी है।